यूपी पंचायत चुनाव में अफवाह को रोकने के लिए प्रशासन ने बनाई खास रणनीति
बरेली
पंचायत चुनाव के दौरान अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने खास रणनीति तैयार की है। प्रशासन गांव में सूचनाओं के लेन-देन के लिए नेटवर्क तैयार कर रहा है। एक-एक गांव की डायेरक्टरी प्रशासन बना रहा है। गांव के जिम्मेदार लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज किए जा रहे हैं। कंट्रोल रूम के जरिए अधिकारी गांव के प्रतिष्ठित लोगों से बात करेंगे। शांति पूर्ण मतदान करने के लिए गांव के जिम्मेदार लोगों की प्रशासन मदद भी लेगा।
पंचायत चुनाव में अक्सर अफवाहों की वजह से विवाद होता है। बरेली की कई तहसील संवदेनशील हैं। पंचायत चुनाव के दौरान विवाद हो चुके हैं। खुफिया रिपोर्ट की मुताबिक कई गांवों में पंचायत चुनाव के दौरान लोग रंजिश निकालने की कोशिश कर सकते हैं। प्रशासन ने खुफिया रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए गांवों के छोटे-छोटे विवादों पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है। गांव के प्रधान-पूर्व प्रधान, कोटेदार, पंचायत सचिव, बीएलओ, चौकी प्रभारी के साथ गांव के वरिष्ठ लोग और शिक्षकों के नाम और मोबाइल नंबर की लिस्ट तैयार की जा रही है। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि सभी राजस्व निरीक्षकों से निर्धारित प्रारूप पर तुरंत सूचना देने को कहा है। फोन के जरिए गांव के लोगों से अधिकारियों का संपर्क मजबूत होगा। निगरानी में मदद मिलेगी। ग्रामीण किसी भी भ्रामक सूचना के बारे में तुरंत जानकारी दे सकेंगे।

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